कार्बनिक प्रदूषक हैं बड़ी चुनौती

लेखक

  • दिनेश कुमार यादव भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश
  • अभिजित सरकार भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)
  • संगीता लेंका भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)
  • जितेंद्र कुमार भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)
  • मधुमन्ती साहा भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)

सार

मृदा की गुणवत्ता प्रत्येक व्यक्ति के लिए तत्काल चिंता का विषय है। हम सब रोटी, कपड़ा, मकान, चारा और ईंधन के लिए दैनिक आधार पर इस प्राकृतिक संसाधन पर निर्भर हैं। औद्योगिक और शहरी गतिविधियों से भूमि संसाधनों पर गहन दबाव पड़ने के कारण, मृदा दिन-प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है। परिणामस्वरूप, इसकी गुणवत्ता लंबे समय तक पेड़-पौधे, पशु और मानव जीवन को बनाए रखने के लिए विकट संकट में है।

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प्रकाशित

2023-05-16

अंक

खंड

Articles

कैसे उद्धृत करें

कार्बनिक प्रदूषक हैं बड़ी चुनौती. (2023). खेती, 76(1), 58-60. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/331