हरे चारे के लिए मक्का


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Authors

  • राकेश कुमार भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001 हरियाण
  • हरदेव राम भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001 हरियाण
  • राजेश कुमार मीना भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001 हरियाण
  • सन्दीप कुमार भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001 हरियाण

Abstract

हरा चारा पशुओं के आहार के लिए सबसे सस्ता स्रोत है, जो कम लागत में पशुपालकों को अधिक आय दिलवाने में सहायक है। पशुधन क्षेत्रा के सतत् विकास के लिए नियमित रूप से पर्याप्त और पौष्टिक चारे की आपूर्ति अति आवश्यक है। लगातार बढ़ती जनसंख्या की खाद्यान्न आपूर्ति के लिए खाद्य पफसलों का क्षेत्रापफल बढ़ने, शहरीकरण एवं औद्योगिकीकरण के कारण चारे वाली पफसलों के अंतर्गत आने वाला क्षेत्रापफल निरन्तर कम अथवा स्थिर हो गया है। वर्तमान समय में देश में क्रमशः 35.6, 10.95 एवं 44 प्रतिशत हरा चारा, शुष्क चारा और सान्द्र आहार की कमी दर्ज की गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए हरे चारे की आधुनिक विधि से खेती करना ही एकमात्रा विकल्प शेष रह जाता है। इसलिए उपलब्ध संसाधनों का सही और उन्नत तकनीकी के साथ उपयोग करते हुये पशुओं को आवश्यक मात्रा में चारा प्रदान कर सकते हैं।

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Submitted

2022-12-05

Published

2022-12-05

How to Cite

कुमार र., राम ह., मीना र. क., & कुमार स. (2022). हरे चारे के लिए मक्का. खेती, 75(8), 30-32. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/69