मानसून की अनिश्चितता में आकस्मिक योजना

105 / 88

Authors

  • आदित्य कुमार सिंह क्षेत्राीय कृषि अनुसंधान केन्द्र, भरारी, झांसी (उत्तर प्रदेश)
  • नरेन्द्र सिंह बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा (उत्तर प्रदेश)
  • एच.एस. कुशवाहा महात्मा गांधी चित्राकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्राकूट, सतना (मध्य प्रदेश)

Abstract

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रा में लंबी अवधि के वर्षा आंकड़ों के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है कि प्रत्येक तीन वर्ष में से किसी एक वर्ष औसत वर्षा 75 प्रतिशत या इससे भी कम होने की आशंका रहती है। इसके पफलस्वरूप असामान्य मानसून की परिस्थितियों में पफसलों की उत्पादकता प्रभावित होती है। प्रदेश को कृषि जलवायु के आधार पर कुल 9 कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2023-06-27

How to Cite

सिंह आदित्य कुमार, सिंह नरेन्द्र, & कुशवाहा एच.एस. (2023). मानसून की अनिश्चितता में आकस्मिक योजना. खेती, 76(2), 4-5. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/426