ग्लैडियोलस की व्यावसायिक खेती

लेखक

  • महेश चौधरी कृषि विज्ञान केन्द्र, अरनियां-श्रीमाधेपुर, सीकर-II, 332603
  • अनोप कुमारी कृषि विज्ञान केन्द्र, मौलासर, 341506-नागौर-II (कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर, राजस्थान)
  • आर.के. दुलड़ श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर-राजस्थान

सार

कर्तित पुष्प वाली पफसलों में ग्लैडियोलस का महत्वपूर्ण स्थान है। यह इरिडेसी कुल का पौध है एवं इसे कन्दीय पफूलों की रानी भी कहा जाता है। ‘ग्लैडियोलस’ शब्द लैटिन भाषा के शब्द ‘ग्लैडियस’ से बना है, जिसका अर्थ ‘तलवार’ होता है क्योंकि इसकी पत्तियों की आकृति तलवारनुमा होती है। कुछ खास विशेषताओं जैसे पुष्पकों के विभिन्न रंग, आकृति, आकार तथा पुष्पदंडिका की अध्कि समय तक तरोताजा रहने की क्षमता के कारण यह बहुत लोकप्रिय है।

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प्रकाशित

2024-06-25

कैसे उद्धृत करें

महेश चौधरी, अनोप कुमारी, & आर.के. दुलड़. (2024). ग्लैडियोलस की व्यावसायिक खेती. फल फूल, 45(3), 28-29. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1182