चिरौंजी की बागवानी


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Authors

  • नंदकिशोर ठोंबरे भाकृअनुप-भारतीय प्राकृतिक राॅल एवं गोंद संस्थान, नामकुम, राँची, झारखंड
  • लोकेश मीना भाकृअनुप-भारतीय प्राकृतिक राॅल एवं गोंद संस्थान, नामकुम, राँची, झारखंड
  • निरंजन प्रसाद भाकृअनुप-भारतीय प्राकृतिक राॅल एवं गोंद संस्थान, नामकुम, राँची, झारखंड

Abstract

चिरौंजी बीज का उपयोग भारत में सुखे मेवे के रूप में प्रचलित है। यह सभी प्रकार के मिष्ठान, पकवान आदि में प्रयोग किया जाता है। इस मूल्यवान मेवे की कीमत लगभग 1000 रुपए/किलोग्राम तक होती है। इसीलिए वनाश्रित लोगों के लिए जंगलों से इसका फल एकत्रित कर इसको बाजार में बेचना, आजीविका चलाने का महत्वपूर्ण विकल्प है। असीमित गुणवत्ता तथा उच्च बाजार मूल्य होने के बाद भी यह पेड़ केवल जंगल तक ही सीमित रह गया है। इसीलिए चिरौंजी के पेड़ को बागवानी में लाने की प्रचुर संभावनाएँ हैं, जिससे अध्कि से अध्कि लोग इससे लाभान्वित हो सकें।

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Submitted

2022-11-15

Published

2022-11-16

How to Cite

ठोंबरे न., मीना ल., & प्रसाद न. (2022). चिरौंजी की बागवानी. फल फूल, 43(6), 12-13. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/12