फलोद्यान का रेखांकन एवं संस्थापना


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Authors

  • मनोज कुमार सिंह सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ
  • विभू पाण्डेय सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ
  • खुर्शीद आलम सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ
  • दीपेश केसरी सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ

Abstract

फलों के उत्पादन की दृष्टि से विश्व में भारत का दूसरा स्थान है। बागवानी एक लम्बे समय का निवेश है। अतः एक फलदार बगीचे की स्थापना एवं प्रबंध्न बहुत ही सावधनीपूर्वक और योजनाबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। मनुष्य के जीवन में फलों का बहुत महत्व है। मानव के शारीरिक तथा मानसिक विकास के लिए कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, प्रोटीन, वसा एवं खनिज पदार्थ अति आवश्यक एवं गुणकारी होते हैं। इनकी पूर्ति फलों को दैनिक आहार के रूप में समाहित कर की जाती है।

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2023-01-10

Published

2023-01-10

How to Cite

सिंह म. क., पाण्डेय व., आलम ख., & केसरी द. (2023). फलोद्यान का रेखांकन एवं संस्थापना. फल फूल, 44(1), 47-48. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/128