नीलगिरी का सफल उत्पादन
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नीलगिरी एक तेजी से बढ़ने वाला ऑस्टेलियाई सदाबहार वृक्ष है। इसे यूकेलिप्टस, सदा, मैसूर गम, हाॅर्न-कैप यूकेलिप्टस, ब्लू गम और मैसूर हाइब्रिड जैसे नामों से जाना जाता
है। यह एक बहुउपयोगी वृक्ष प्रजाति है, जो न केवल कई औद्योगिक उत्पादों का प्रमुख स्रोत है, बल्कि औधषीय दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। खांसी, जकड़न और फ्लू जैसे
लक्षणों को कम करने में इसका तेल सहायक माना जाता है। मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से राहत देने वाले लोशन और मरहम में भी नीलगिरी तेल का व्यापक प्रयोग होता
है। इसके अतिरिक्त इसका उपयोग एंटीबायोटिक, सुगंध्, सौंदर्य प्रसाध्न, स्वादवर्धक, दंत-उत्पादों जैसे उद्योगों में विलायक के रूप में किया जाता है। हजारों वर्षों से चीनी,
भारतीय आयुर्वेदिक, ग्रीक और अन्य यूरोपीय चिकित्सा प्रणालियों में नीलगिरी का प्रयोग विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। इसके अलावा नीलगिरी की खेती
से लकड़ी, ईधन और गूदा उत्पादन से स्थायी आय प्राप्त होती है। यह पफसल कम समय में आर्थिक लाभ देकर आत्मनिर्भर और बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाती है।
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