सौन्दर्य से भरपूर आइरिस पुष्प का उत्पादन

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Authors

  • डॉ लोकेन्द्र सिंह आईसीएआर - आईएआरआई, संरक्षित कृषि तकनीकी केंद्र
  • माम चन्द सिंह

Abstract

आइरिस एक आकर्षक वाणिज्यिक पुष्प फसल है, जिसकी खेती मुख्यतः राइजोम या बल्ब द्वारा की जाती है। इसके लिए अच्छी जल निकास वाली दोमट मिट्टी तथा समशीतोष्ण जलवायु उपयुक्त रहती है। उन्नत किस्मों का चयन, उचित दूरी पर रोपण, संतुलित पोषण एवं सिंचाई प्रबंधन उच्च उत्पादन के लिए आवश्यक हैं। खरपतवार, कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए समेकित प्रबंधन अपनाना चाहिए। फूलों की कटाई उचित अवस्था में करने से गुणवत्ता बनी रहती है। उचित ग्रेडिंग, पैकिंग एवं विपणन से बेहतर मूल्य प्राप्त होता है, जिससे आइरिस की खेती लाभकारी व्यवसाय बन सकती है।

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Published

2026-09-25

How to Cite

सिंह डॉ लोकेन्द्र, & सिंह माम चन्द. (2026). सौन्दर्य से भरपूर आइरिस पुष्प का उत्पादन. फल फूल, 47(5), 35-37. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1878