कीवी की व्यावसायिक खेती
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Kiwi, Hilly Regions, Temperate Fruit, Hayward, MatuaAbstract
उत्तराखण्ड की समशीतोष्ण पर्वतीय परिस्थितियाँ उच्च मूल्य वाली फल फसलों के उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। हाल के वर्षों में पारंपरिक फसलों की घटती उत्पादकता के कारण वैकल्पिक एवं लाभकारी फलों की आवश्यकता बढ़ी है, जिनमें कीवी एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर कर सामने आया है। कीवी फल अपने आकर्षक स्वाद, उच्च पोषण मूल्य तथा बेहतर भंडारण क्षमता के कारण उपभोक्ताओं में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह फसल अपेक्षाकृत कम शीत-घंटों में भी सफलतापूर्वक उत्पादन देने की क्षमता रखता है तथा रोपण के 4-5 वर्षों के भीतर व्यावसायिक उत्पादन में आ जाता है। उत्तराखण्ड के 800 से 1600 मीटर ऊँचाई वाले क्षेत्र कीवी उत्पादन के लिए उपयुक्त पाए गए हैं। उपयुक्त किस्मों का चयन, प्रभावी परागण, संतुलित पोषण एवं उन्नत बाग प्रबंधन अपनाकर कीवी से अच्छा एवं स्थिर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार कीवी पर्वतीय क्षेत्रों में बागवानी आधारित आय वृद्धि के लिए एक संभावनाशील फल फसल सिद्ध हो रहा है।
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