बागवानी फसलों में ट्रैप द्वारा कीट प्रबंधन
23 / 42Abstract
बागवानी फसलों में कीटों से होने वाले नुकसान को कम करना किसानों के सामने एक प्रमुख चुनौती है। रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से जहाँ पर्यावरण प्रदूषित हुआ है, वहीं परागणकर्ताओं एवं अन्य लाभकारी कीटों की संख्या पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे में समेकित कीट प्रबंधन (आई.पी.एम.) के अंतर्गत कीट ट्रैप एक प्रभावी, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में उभरे हैं। फसलों को हानिकारक कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए विभिन्न प्रकार के कीट ट्रैप का उपयोग किया जाता है। ये ट्रैप खेत एवं उसके आसपास उड़ने वाले कीटों को आकर्षित कर पकड़ने में सहायक होते हैं। इनका उपयोग कीटों की विविध्ता का अध्ययन, नए कीटों के आक्रमण की निगरानी तथा खेत में उनकी संख्या का आकलन करने के लिए किया जाता है। अधिक संख्या में कीटों को पकड़कर ये ट्रैप सीधे तौर पर उनकी आबादी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। साथ ही इन्हें खेत की परिधि पर लगाकर सुरक्षा अवरोध के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
Downloads
Downloads
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2026 फल फूल

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License.
फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।