जर्नल के बारे में
बागवानी फसलों (फलों, सब्जियों, फूलों) से संबंधित विभिन्न विषयों पर आधारित इस हिंदी लोकप्रिय पत्रिका का पिछले 40 वर्षों से नियमित प्रकाशन किया जा रहा है। प्रत्येक अंक में बागवानी फसलों, फल, फूल, सब्जियों, औषधीय पौधे, मशरूम फल प्रसंस्करण आदि से संबंधित लेख प्रकाशित किए जाते हैं। ‘अगले माह बागों की देखभाल‘ बागवानी से संबंधित आगामी गतिविधियों के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करने के लिए नियमित कॉलम को प्रकाशित किया जाता है। बागवानी क्षेत्र में नवीनतम समाचारों/शोधों पर आधारित नियमित लेखों के अलावा महत्वपूर्ण बागवानी विषयों पर पत्रिकाओं के विशेष अंक (आमंत्रित लेखों सहित) औसतन 80 मुद्रित पूरी तरह से रंगीन पृष्ठ प्रकाशित किये जाते हैं।
वर्तमान अंक
‘फल-फूल’ पत्रिका का नवंबर–दिसंबर 2025 अंक फलोत्पादन, सब्जी उत्पादन, पुष्पोत्पादन, औषधीय पौधों तथा बागवानी की उन्नत तकनीकों से संबंधित उपयोगी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रस्तुत करता है। इस अंक में पोषण सुरक्षा, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन और आय सृजन की संभावनाओं को विशेष महत्व दिया गया है। इस अंक में पोषण सुरक्षा के लिए पंखी सेम (विंग्ड बीन) का उत्पादन, फालसा फल के मूल्य संवर्धन तथा बेर की वैज्ञानिक खेती पर जानकारी दी गई है। पुष्पोत्पादन के अंतर्गत आकर्षक पुष्प नील कमल (वॉटर लिली), सूखे फूलों की व्यावसायिक संभावनाओं तथा सफेद और पीली ग्लैडियोलस किस्मों के उत्पादन से संबंधित लेख शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मशरूम की खेती से ग्रामीण युवाओं की सफलता और गुणों से भरपूर लायन्स मेन मशरूम के पोषण एवं औषधीय महत्व पर भी प्रकाश दिया गया है।
सब्जी उत्पादन के अंतर्गत मचान विधि से खेती तथा शुष्क एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों की पोषक सब्जी काचरी के उत्पादन संबंधी जानकारी प्रस्तुत की गई है। साथ ही, प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स के पोषण एवं औषधीय महत्त्व, नीलगिरी के सफल उत्पादन, अर्धशुष्क क्षेत्रों में चंदन आधारित कृषिवानिकी और औषधीय पादप गुग्गुल के संरक्षण जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों को भी स्थान दिया गया है। पैशन फ्रूट की लाभकारी खेती से संबंधित लेख बागवानी में विविधीकरण एवं आय बढ़ाने की संभावनाओं को रेखांकित करता है।
समग्र रूप से यह अंक किसानों, बागवानों, कृषि उद्यमियों और बागवानी में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए वैज्ञानिक जानकारी का उपयोगी स्रोत है, जो उन्नत उत्पादन तकनीकों, मूल्य संवर्धन तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से बागवानी को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है।
Articles
-
बेर की वैज्ञानिक खेती
0 / 0 -
नीलगिरी का सफल उत्पादन
0 / 0