Vol. 47 No. 3 (2026): मई - जून 2026
‘फल-फूल’ पत्रिका का मई–जून 2026 अंक बागवानी, पोषण, संरक्षित खेती, जलवायु परिवर्तन एवं पारंपरिक खाद्य प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सामग्री से समृद्ध है। इस अंक में प्रकाशित लेख किसानों, उद्यमियों, शोधार्थियों तथा बागवानी क्षेत्र से जुड़े पाठकों को आधुनिक तकनीकों एवं व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
अंक में ‘हरी पत्तेदार सब्जियों के फायदे अनेक’ तथा ‘गुणों से भरपूर माइक्रोग्रीन्स का उत्पादन’ जैसे लेख पोषण सुरक्षा एवं स्वास्थ्यवर्धक आहार की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। वहीं ‘मशरूम से भरपूर पोषण’ लेख मशरूम की उपयोगिता, पोषणीय महत्व तथा स्वरोजगार की संभावनाओं को रेखांकित करता है। ‘पुष्प उत्पादन में जिनोम संपादन’ लेख में आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी की नई संभावनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
कृषि तकनीकों पर आधारित लेखों में ‘पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस में टमाटर की खेती’, ‘सब्जियों की संरक्षित खेती हेतु पॉलीहाउस तकनीक’ तथा ‘स्वस्थ पौध उत्पादन हेतु सनकन नर्सरी’ विशेष रूप से किसानों के लिए उपयोगी हैं। इसी प्रकार ‘आम में अनियमित फलन की चुनौती का प्रबंधन’ तथा ‘जीरे की उन्नत बीज उत्पादन तकनीक’ फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु वैज्ञानिक उपायों की जानकारी प्रदान करते हैं।
इस अंक में पारंपरिक ज्ञान एवं स्थानीय खाद्य प्रणालियों को भी विशेष महत्व दिया गया है। ‘पंचकुट्टा-थर मरुस्थल की पारम्परिक खाद्य प्रणाली’, ‘देसी फलों का महत्व एवं संरक्षण’ तथा ‘शुष्क क्षेत्रों हेतु बेहद उपयोगी कैर’ जैसे लेख जैव विविधता, स्थानीय संसाधनों एवं पारंपरिक ज्ञान संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। साथ ही ‘मूल्यवर्धित आंवला का टिकाऊ उत्पादन’ लेख प्रसंस्करण एवं उद्यमिता की संभावनाओं को सामने लाता है।
इसके अतिरिक्त ‘पुष्पोत्पादन पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव’ तथा ‘मई–जून माह के मुख्य बागवानी कार्य’ जैसे लेख बदलती जलवायु परिस्थितियों में किसानों को समयानुकूल प्रबंधन एवं बागवानी गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह अंक आधुनिक तकनीक, पोषण, संरक्षण एवं टिकाऊ बागवानी को समर्पित एक उपयोगी प्रयास है।
Articles
-
मशरूम से भरपूर पोषण
21 / 25